हाल ही में, जर्मनी, ऑस्ट्रिया, लक्ज़मबर्ग और हंगरी ने मिलकर एक अभियान चलाया जिसके तहत 36 नाइजीरियाई नागरिकों को उनके देश वापस भेज दिया गया। यह निर्वासित नागरिकों की सटीक पहचान और निर्वासित करने के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं किया गया है। यह संयुक्त यूरोपीय कार्रवाई आव्रजन नीतियों के कड़े प्रवर्तन का हिस्सा हो सकती है। इस घटना ने नाइजीरिया और यूरोपीय संघ के बीच संबंधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्वासित किए गए व्यक्तियों के अधिकारों और उनके भविष्य के लिए सहायता पर चिंता व्यक्त की जा रही है। आगे की जानकारी के लिए, पंचएनजी वेबसाइट पर विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध है। यह घटना यूरोपीय देशों में नाइजीरियाई समुदाय के लिए चिंता का विषय हो सकती है।