2026 फीफा विश्व कप में अभी तक केवल दस दिनों के खेल में ही सात आत्मघाती गोल हो चुके हैं। यह संख्या टूर्नामेंट के इतिहास में दूसरे सबसे अधिक आत्मघाती गोलों की संख्या है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह गति जारी रही, तो टूर्नामेंट एक अवांछित रिकॉर्ड बना सकता है। यह स्थिति खिलाड़ियों पर दबाव और प्रतिस्पर्धा की तीव्रता को दर्शाती है। फिलहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि टूर्नामेंट के आगे के मैचों में यह प्रवृत्ति जारी रहती है या नहीं। इस मामले में, टीमों को अपनी रक्षात्मक रणनीति पर ध्यान देने की आवश्यकता है। यह विश्व कप, आत्मघाती गोलों के मामले में एक असामान्य टूर्नामेंट साबित हो रहा है।
