2026 विश्व कप के टिकटों की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है, जिससे यह आम प्रशंसकों के लिए पहुंच से बाहर होता जा रहा है। आयोजकों ने टिकटों की कीमतें निर्धारित करते समय आर्थिक लाभ को प्राथमिकता दी है, जिससे खेल के प्रति उत्साही लोगों में निराशा है। पहले की तुलना में, अब टिकट प्राप्त करना अधिक कठिन और महंगा हो गया है। इस फैसले से विश्व कप के समावेशी और सुलभ होने के सिद्धांतों पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञ अनुमान लगाते हैं कि टिकटों की ऊंची कीमतों के कारण स्टेडियम खाली भी रह सकते हैं। यह स्थिति खेल के वैश्विक प्रसार और प्रशंसकों के अनुभव पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। चिली के CIPER ने इस मुद्दे पर प्रकाश डाला है।