वैज्ञानिकों के अनुसार, २०२६ की गर्मी अब तक की सबसे गर्म गर्मी होने की संभावना है। यह गर्मी पिछले रिकॉर्ड से लगभग १ डिग्री सेल्सियस अधिक होने का अनुमान है, जो कि एक महत्वपूर्ण अंतर है। इस तरह की अत्यधिक गर्मी की संभावना पहले केवल एक प्रतिशत थी, लेकिन मानवीय गतिविधियों के कारण जलवायु परिवर्तन के कारण यह अब अधिक आम हो गई है। मानवीय प्रभाव के बिना, ऐसा मौसम असंभव होता। यह स्थिति जलवायु परिवर्तन के गंभीर परिणामों को दर्शाती है और तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है। इस गर्मी के कारण दुनिया भर में स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।