१२ अगस्त २०२६ को होने वाला सूर्य ग्रहण साइबेरिया के तैमिर प्रायद्वीप के उत्तर-पूर्वी तट के पास शुरू होगा, जो आर्कटिक सर्कल के भीतर स्थित है। यह क्षेत्र अपनी कठोर जलवायु के कारण कम आबादी वाला है। चंद्रमा की छाया धीरे-धीरे आगे बढ़ेगी और उत्तरी ध्रुव से लगभग १०० किलोमीटर की दूरी से गुजरेगी। इसके बाद यह ग्रीनलैंड और आइसलैंड के ऊपर से भी दिखाई देगा। यह ग्रहण खगोल विज्ञान प्रेमियों के लिए एक अद्भुत दृश्य होगा। ग्रहण के बाद रात में एक और खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। इस ग्रहण की सटीक समय और स्थान की जानकारी वैज्ञानिकों द्वारा जारी की गई है।