१८४६ में, अर्जेंटीना के नवैरो, लोबोस और चिविलकोई क्षेत्रों में एक असामान्य घटना घटी। प्रसिद्ध चिकित्सक फ्रांसिस्को जेवियर मुनिज़ ने इस घटना का वर्णन किया है। यह घटना एक शक्तिशाली भूकम्प थी जिसने स्थानीय लोगों को भयभीत कर दिया था। विशेष रूप से, ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले 'गौचो' समुदाय इस भूकम्प से बहुत डर गए थे। मुनिज़ के वृत्तांत से पता चलता है कि यह भूकम्प उस समय के लिए एक असाधारण घटना थी। इस घटना ने उस समय के ग्रामीण जीवन पर गहरा प्रभाव डाला। भूकम्प की तीव्रता और इसके कारण हुए नुकसान के बारे में अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन मुनिज़ की रिपोर्ट ऐतिहासिक रिकॉर्ड में दर्ज है।
