नेथन थॉमस ने मियामी डेड कॉलेज में इंजीनियरिंग के प्रोफेसर के रूप में नियुक्ति स्वीकार करके इतिहास के सबसे युवा प्रोफेसर बनने का रिकॉर्ड बनाया है। वह केवल 18 वर्ष की आयु में lecturing शुरू कर दिया। यह रिकॉर्ड 300 साल से अधिक समय से बरकरार था। पहले यह रिकॉर्ड कॉलिन मैकलॉरिन (1698-1746) के नाम था। नेथन की असाधारण उपलब्धि शिक्षा जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है। यह दर्शाता है कि प्रतिभा और समर्पण की कोई उम्र नहीं होती। इस उपलब्धि से युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा मिल सकती है। नेथन थॉमस की कहानी निश्चित रूप से एक मील का पत्थर साबित होगी।