दक्षिण चीन सागर पर हाल ही में १४ देशों के एक समूह ने एक संयुक्त बयान जारी किया है। यह बयान 2016 में हेग में दिए गए फैसले की दसवीं वर्षगांठ के अवसर पर जारी किया गया था। इन देशों में संयुक्त राज्य अमेरिका, फिलीपींस, ऑस्ट्रेलिया और कई यूरोपीय राष्ट्र शामिल हैं। बयान में फैसले का पालन करने और इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों-आधारित व्यवस्था का आधार मानने पर जोर दिया गया है। हालांकि, यह बयान एक विस्तारवादी दृष्टिकोण को दर्शाता है और इस क्षेत्र में तनाव बढ़ाने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान चीन के दावों को चुनौती देता है और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए हानिकारक हो सकता है। बयान जारी करने वाले देशों का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय कानून का समर्थन करना और दक्षिण चीन सागर में शांति बनाए रखना बताया जा रहा है।