फ़ेगेर्स्टा के पेर ओल्सकोलेन में पढ़ने वाली दस वर्षीय बियांका वेस्टलंड, ब्रिनेलस्कॉलेन पर हुए तलवार हमले के दौरान स्कूल में ही छिपने के लिए मजबूर हो गईं। उसने स्वीडिश टेलीविजन कार्यक्रम 'लिला एक्टुएल्ट' को बताया कि उसे घायलों के लिए बहुत दुख हुआ। यह घटना स्कूल सुरक्षा और बच्चों पर इसके प्रभाव के बारे में गंभीर सवाल उठाती है। बियांका का अनुभव बताता है कि बच्चे ऐसी हिंसक घटनाओं से कितने प्रभावित होते हैं। स्कूल प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए और छात्रों को सुरक्षित रखने के लिए कदम उठाए। इस घटना से स्वीडन में स्कूल सुरक्षा पर बहस फिर से शुरू हो गई है। बियांका की प्रतिक्रिया बहादुरी और सहानुभूति दर्शाती है।