यूनाइटेड किंगडम में, जोगेश भण्डारी को कोविड-19 महामारी के दौरान व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) की आपूर्ति के झूठे वादे करके कंपनियों को धोखा देने के लिए दोषी ठहराया गया है। अदालत ने पाया कि उसने पीपीई के लिए प्राप्त भुगतानों का दुरुपयोग एक शानदार जीवनशैली को वित्तपोषित करने के लिए किया। उसकी पत्नी, मीनाक्षी भण्डारी, को उनकी भागीदारी के कारण सामुदायिक सेवा के साथ निलंबित सजा सुनाई गई है। इस धोखाधड़ी से बड़ी मात्रा में धन का गबन हुआ। यह मामला यूके में कोविड-19 महामारी के दौरान पीपीई की आपूर्ति में हुई धोखेबाजी को उजागर करता है। अदालत ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों दोषियों को सजा सुनाई है। यह फैसला दूसरों के लिए एक चेतावनी है जो इस तरह के अपराधों में शामिल होने की सोच भी रहे हैं।