यरूशलेम के पास एक राजमार्ग पर दो संदिग्ध आतंकवादियों की गिरफ्तारी की खबर सामने आई है, लेकिन अब यह पता चला है कि यह गिरफ्तारी एक झूठी चेतावनी के आधार पर की गई थी। जानकारी देने वाले व्यक्ति ने सोमवार को स्वीकार किया कि उसने हमले की साजिश के बारे में दी गई चेतावनी झूठी थी। यह खुलासा तब हुआ जब उसे भी हिरासत में लिया गया और संदिग्धों की कार में कोई हथियार नहीं मिले। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और झूठी चेतावनी देने के पीछे के मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रही है। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों के बीच चिंता बढ़ा दी है और झूठी सूचनाओं के खतरों पर प्रकाश डाला है। अधिकारियों का कहना है कि वे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठा रहे हैं। फिलहाल, गिरफ्तार किए गए संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया है।