वेटिकन ने स्‍कॉट पेयटन, लुइसियाना के एक पूर्व कैथोलिक डायकन को बहिष्कृत रखने का फैसला बरकरार रखा है। पेयटन ने 2018 में एक पुजारी द्वारा अपने किशोर बेटे के यौन शोषण की बात स्वीकार करने के बाद चर्च छोड़ दिया था। उन्‍होंने इस फैसले के खिलाफ अपील की थी, लेकिन वेटिकन ने उसे खारिज कर दिया है। पेयटन ने सवाल उठाया है कि उन्हें बहिष्कृत क्यों किया गया, जबकि दोषी पुजारी सात साल की जेल की सजा काटने के बावजूद पुजारी पद पर बना हुआ है। उनका कहना है कि न्याय संगत नहीं है। इस मामले ने चर्च के भीतर यौन शोषण के मामलों से निपटने के तरीके पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वेटिकन के इस फैसले से पीड़ित और उनके परिवार निराश हैं।