विश्व मौसम संगठन (World Meteorological Organization) के अनुसार, नवंबर से जनवरी के बीच प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) की समुद्री सतह का तापमान सामान्य से 3.8°C अधिक रहने का अनुमान है। पहले ऐसे मौकों पर तापमान 3°C तक बढ़ा था, जिसके गंभीर परिणाम हुए थे। संगठन की महासचिव सेलेस्टे सौरौ (Celeste Sauro) ने क्षति को कम करने के लिए पहले से ही कार्रवाई करने का आह्वान किया है। यह तापमान वृद्धि अल नीनो (El Niño) की तीव्रता को बढ़ाएगी, जिसकी वजह से दुनिया भर में मौसम में बदलाव आने की संभावना है। वैज्ञानिक इस अभूतपूर्व तापमान वृद्धि से चिंतित हैं, क्योंकि पहले कभी ऐसा स्तर दर्ज नहीं किया गया है। इस स्थिति से निपटने के लिए तत्काल और समन्वित वैश्विक प्रयासों की आवश्यकता है।