उज़्बेकिस्तान में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। देश में, अब नर्सरी के बच्चों से लेकर विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों तक, हर साल कम से कम एक बार मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाएगा। यह पहल विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों के मानसिक स्वास्थ्य की निगरानी और समर्थन करने के उद्देश्य से की गई है। मनोवैज्ञानिक निदान का यह कार्यक्रम, शिक्षा प्रणाली में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को दर्शाता है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर सीखने का माहौल प्रदान करना और शिक्षकों को सहायता प्रदान करना है। सरकार का मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने से विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन और समग्र कल्याण में सुधार होगा। यह पहल उज़्बेकिस्तान में शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।