सुमाय्या ने ट्यूशन पढ़ाने से हुई कमाई से कृत्रिम फूलों का व्यवसाय शुरू किया। वह अपने बनाए फूलों के गुलदस्ते की कीमत ८० रुपए से शुरू करती हैं। हाल ही में, उन्होंने ३००० रुपए में एक गुलदस्ता भी बेचा है। यह दर्शाता है कि उनके उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग है। सुमाय्या की कहानी आत्मनिर्भरता और उद्यमशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उनका काम स्थानीय बाजार में कृत्रिम फूलों के लिए एक किफायती विकल्प प्रदान करता है। यह उदाहरण दिखाता है कि कम निवेश से भी सफल व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने और अधिक ग्राहकों तक पहुंचने की उम्मीद करती हैं।