तुर्की में हालिया घटनाक्रमों में, हल्क टीवी (Halk TV) जैसे स्वतंत्र समाचार चैनलों पर राज्य का नियंत्रण बढ़ रहा है। एमनेस्टी इंटरनेशनल (Amnesty International) के अनुसार, यह सिर्फ एक अलग-थलग घटना नहीं है, बल्कि मीडिया की बहुलता के क्षरण का हिस्सा है। राज्य द्वारा नियुक्त न्यायधीशों, पत्रकारों की गिरफ्तारी और स्वतंत्र डिजिटल प्लेटफार्मों पर बढ़ते प्रतिबंधों के कारण स्थिति गंभीर हो गई है। एमनेस्टी इंटरनेशनल के तुर्की अभियानकर्ता, मिलिना बुयुम (Milena Buyum) ने इसे तुर्की में मीडिया की स्वतंत्रता पर एक क्रूर हमला बताया है। मार्च 2025 से स्वतंत्र पत्रकारिता पर यह दमन और बढ़ गया है। इस हस्तक्षेप से गलत सूचना के फैलने का खतरा बढ़ गया है, क्योंकि मीडिया परिदृश्य लगातार सीमित होता जा रहा है।