वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक, वाशिंगटन इंस्टीट्यूट के डेविड माकोव्स्की का कहना है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा बेंजामिन नेतान्याहू का समर्थन एक विवादास्पद कदम है। माकोव्स्की के अनुसार, यह कदम अमेरिका की एक लंबे समय से चली आ रही नीति के विपरीत है, जिसके तहत किसी भी विदेशी नेता का स्पष्ट समर्थन करने से बचा जाता था। मार्क लेविन नामक एक व्यक्ति ने इन शिकायतों को 'पक्षपातपूर्ण राजनीतिक रोना' बताया है। इस समर्थन ने अमेरिकी विश्लेषकों और उदारवादी समूहों के बीच चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि वे इसे इजराइल की राजनीति में अमेरिकी हस्तक्षेप के एक नए रूप के रूप में देख रहे हैं। यह कदम अमेरिकी विदेश नीति के पारंपरिक सिद्धांतों को चुनौती देता है। इस फैसले से अमेरिका और इजराइल के संबंधों पर भी असर पड़ सकता है।