तेहरान में, ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रेज़ा अरेफ़ और ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन ने फ़ारसी संस्कृति और सभ्यता के संबंधों को मजबूत करने पर ज़ोर दिया। दोनों नेताओं ने फ़ारसी भाषी देशों और क्षेत्रों के एक संघ बनाने का प्रस्ताव रखा, ताकि सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने फ़ारसी भाषा और साहित्य के लिए एक संयुक्त उच्च स्तरीय समिति स्थापित करने और ताजिकिस्तान में फ़ारसी लिपि को पुनर्जीवित करने की भी बात की। यह पहल दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस संघ से फ़ारसी भाषा और संस्कृति का संरक्षण और विकास सुनिश्चित होगा। दोनों देशों के बीच सहयोग से नए सांस्कृतिक और आर्थिक अवसर पैदा हो सकते हैं। फ़ारसी भाषी समुदाय को एक मंच पर लाने से आपसी समझ और सहयोग में वृद्धि होगी।