सर्बिया में सत्तारूढ़ दल पर सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों को मतदान करने और राजनीतिक रैलियों में भाग लेने के लिए दबाव डालने का आरोप लगा है। 150 से अधिक गवाही इस बात की जानकारी दे रही हैं कि कैसे यह दबाव डाला जा रहा है। कुछ सरकारी नौकरियां वफादारों को दी जा रही हैं, जो पार्टी के कॉल सेंटरों में लगातार काम करते हैं। यह आरोप राज्य के संस्थानों को ‘मतदान मशीन’ में बदलने का संकेत देता है। ऐसी स्थिति में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह मामला सर्बिया की राजनीति में भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों को और बढ़ा सकता है। इन आरोपों की जांच से सर्बिया में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।