न्यूयॉर्क में रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक तेल की कीमतें 19 मई (स्थानीय समय) को रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील और यमन के हौथी विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब पर हमले के कारण अस्थिर रहीं। रूस पर प्रतिबंधों में संभावित ढील से तेल आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद है, जिससे कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। वहीं, सऊदी अरब की तेल सुविधाओं पर हौथी विद्रोहियों के हमले से आपूर्ति बाधित होने की आशंका है, जिससे कीमतें बढ़ सकती हैं। इन परस्पर विरोधी कारकों के कारण तेल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। विशेषज्ञ बताते हैं कि बाजार की प्रतिक्रिया प्रतिबंधों और हमलों के वास्तविक प्रभाव पर निर्भर करेगी। फिलहाल, निवेशक स्थिति का आकलन कर रहे हैं और बाजार की दिशा का अनुमान लगा रहे हैं। वैश्विक तेल बाजार पर इन घटनाओं का प्रभाव आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।