पिछले वर्ष, यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका से रूस में निष्कासित किए गए सरकारी विरोधी कार्यकर्ताओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ये कार्यकर्ता, जिन्होंने रूस में शरण मांगी थी, अब रूस द्वारा युद्ध में भेजे जा रहे हैं। यह स्थिति उन लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय है जो पुतिन शासन का विरोध करते हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि रूस इन कार्यकर्ताओं का उपयोग यूक्रेन में चल रहे संघर्ष में कर रहा है। यह कदम पश्चिमी देशों में रूस के विरोधियों के प्रति नीति पर सवाल उठाता है। इस स्थिति से रूस में मानवाधिकारों का हनन और राजनीतिक उत्पीड़न की आशंका बढ़ गई है।