पोलैंड में गुरुवार को प्रदर्शनों की संभावना है, क्योंकि बड़ी संख्या में पोलिश नागरिकों का मानना है कि नया गर्भपात कानून अभी भी बहुत सख्त है। संसद ने इसे मंगलवार को मंजूरी दी थी, लेकिन राष्ट्रपति से इस कानून को अस्वीकार करने की उम्मीद है। यह विरोध पोलैंड में गर्भपात अधिकारों को लेकर चल रही असंतोष की निरंतरता को दर्शाता है। प्रस्तावित कानून को लेकर नागरिकों में व्यापक निराशा है, जिसके परिणामस्वरूप सड़कों पर उतरने की योजना बनाई जा रही है। प्रदर्शनकारी कानून को वापस लेने और महिलाओं के प्रजनन अधिकारों की रक्षा करने की मांग कर रहे हैं। राष्ट्रपति के फैसले का इंतजार किया जा रहा है, जो देश में आगे की प्रतिक्रिया को आकार देगा। यह मुद्दा पोलैंड में गहन राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बना हुआ है।