पोलैंड की संसद ने मंगलवार को दो विधायी प्रस्तावों को मंजूरी दी जिसका उद्देश्य देश के कड़े गर्भपात कानूनों को उदार बनाना है। ये कानून बदलावों का एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि पोलैंड में पहले से ही यूरोप के सबसे सख्त गर्भपात प्रतिबंधों में से एक है। प्रस्तावित संशोधनों में गर्भावस्था के शुरुआती चरणों में गर्भपात की अनुमति देने के प्रावधान शामिल हैं, जहाँ पहले यह केवल तभी अनुमत था जब महिला का जीवन खतरे में हो या बलात्कार या व्यभिचार के कारण गर्भावस्था हुई हो। इस फैसले का स्वागत महिला अधिकार समूहों ने किया है, लेकिन धार्मिक रूढ़िवादियों ने विरोध प्रदर्शन किया है। इस कानून को अब राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की आवश्यकता है, जिसके बाद यह लागू हो जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से पोलैंड में महिलाओं के स्वास्थ्य और अधिकारों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यह पोलैंड में चल रही सामाजिक और राजनीतिक बहस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।