23 वर्षीय "कारेल" नामक एक युवक ने अपने दिवंगत पिता, जो एक रूसी कर्नल थे, से एक मार्मिक संदेश भेजा। उसने बताया कि वह अपने पिता की इच्छा के अनुसार विशेष बलों में शामिल हो गया है, लेकिन एक अलग देश और ढांचे में। कारेल ने यूक्रेन की तरफ़ जाने और रूसी स्वयंसेवी कोर में शामिल होने का फ़ैसला किया है। उसने अपने पिता से कहा कि वह अब "इतिहास के सही पक्ष" पर है। यह घटना रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष के बीच एक महत्वपूर्ण मोड़ दर्शाती है। कारेल का यह कदम दर्शाता है कि कैसे कुछ रूसी नागरिक अपने देश की नीतियों से असहमत होकर यूक्रेन का समर्थन कर रहे हैं। यह संदेश उसके पिता के प्रति सम्मान और अपने नए विश्वास की अभिव्यक्ति है।