यूरोप भर में ईंधन की बढ़ती कीमतें घरों, व्यवसायों और सरकारों पर दबाव बना रही हैं। इससे जीवन यापन की लागत को लेकर विरोध प्रदर्शन बढ़ रहे हैं और अगले साल फ्रांस, इटली और पोलैंड जैसे देशों में होने वाले चुनावों से पहले चरमपंथी दलों को मजबूत कर रहा है। कुछ चरमपंथी दल रूसी ऊर्जा पर लौटने का आह्वान कर रहे हैं। यह स्थिति यूरोपीय देशों में आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता पैदा कर रही है। ईंधन की कीमतों में वृद्धि से आम नागरिकों के लिए दैनिक जीवन यापन करना मुश्किल हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह संकट चरमपंथी विचारधाराओं को बढ़ावा दे सकता है। सरकारें इस मुद्दे को हल करने के लिए संघर्ष कर रही हैं और नागरिकों को राहत प्रदान करने के लिए उपाय कर रही हैं।