ओस्लो में यूक्रेन पर आयोजित बैठक के बाद विशेषज्ञों के बीच मतभेद सामने आए हैं। पूर्व शीर्ष राजनयिक काए आस इस बैठक के महत्व को लेकर असहमत हैं। बैठक में यूक्रेन की स्थिति और भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई थी, लेकिन कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई। विशेषज्ञों का मानना है कि बैठक से तत्काल कोई महत्वपूर्ण परिणाम नहीं निकलेगा। विभिन्न दृष्टिकोणों के कारण, इस बैठक के प्रभाव का आकलन करना मुश्किल है। ओस्लो में हुई यह बैठक यूक्रेन संकट को हल करने की दिशा में एक प्रारंभिक कदम थी, लेकिन आगे कई चुनौतियाँ बाकी हैं।