हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन ने फिडेज़ पार्टी की दिसंबर तक वापसी की कसम खाई है। उन्होंने हाल ही में हुई गिरफ्तारियों को एक राजनीतिक षडयंत्र बताया है, जिसमें कथित तौर पर भ्रष्टाचार के आरोप शामिल हैं। ऑर्बन ने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी इन आरोपों से सफलतापूर्वक निपटेगी और मजबूत होकर उभरेगी। उन्होंने इन गिरफ्तारियों को अपने राजनीतिक विरोधियों द्वारा किया गया एक नियोजित हमला बताया, जिसका उद्देश्य फिडेज़ को कमजोर करना है। ऑर्बन ने अपने समर्थकों से एकजुट रहने और पार्टी के खिलाफ चल रहे कथित राजनीतिक उद्देश्यों का विरोध करने का आह्वान किया। हंगरी की राजनीति में यह घटनाक्रम एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है, क्योंकि फिडेज़ की भविष्य की स्थिति दांव पर लगी हुई है। इस मामले में आगे की जांच जारी है और हंगरीवासी उत्सुकता से देख रहे हैं कि स्थिति कैसे विकसित होती है।