पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, जो लगभग 50 वर्षों से नेतन्याहू के समर्थक रहे हैं, अब इज़राइल बेटेनू के लिए वोट देने का फैसला लिया है। हानेगबी ने प्रधानमंत्री के गठबंधन में मौजूद ‘मसीहाई’ और ‘नस्लवादी’ आवाजों पर खेद व्यक्त किया है। उनका कहना है कि उन्होंने इस कदम को उठाने के लिए बहुत सोच-विचार किया है। यह घोषणा इज़राइल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है। हानेगबी, लिकुड पार्टी के पुराने और वफादार सदस्य रहे हैं, इसलिए उनका यह फैसला पार्टी के भीतर भी हलचल मचा सकता है। यह कदम आगामी चुनावों के नतीजों को भी प्रभावित कर सकता है। इस फैसले से स्पष्ट है कि इज़राइल की राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव आ रहा है।