फ़्रांस में एरिक ज़ेमूर के नफ़रत भरे भाषणों ने वर्षों से नागरिक युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर दी है। 17 अक्टूबर को हुई हिंसा के बाद, उन्होंने उत्तरी अफ़्रीका और अफ़्रीका मूल के फ़्रांसीसियों को “बर्बर” बताकर सीधे तौर पर निशाना बनाया। ज़ेमूर का यह बयान करीम ज़ेरीबी के लिए आक्रोश का कारण बना, जिन्होंने इसकी कड़ी निंदा की है। ज़ेरीबी ने ज़ेमूर पर नफ़रत फैलाने और समाज में विभाजन पैदा करने का आरोप लगाया है। यह घटना फ़्रांस में बढ़ रहे नस्लीय तनाव और ध्रुवीकरण को दर्शाती है। ज़ेमूर का मीडिया में इस तरह के बयानों को प्रसारित करने की अनुमति देने पर भी सवाल उठ रहे हैं। यह स्थिति फ़्रांस की सामाजिक और राजनीतिक स्थिरता के लिए चिंताजनक है।