ब्राजील में “मास्‍टर मामला” ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई की कमजोरी को उजागर कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश, जो तेजी से राजनीतिक होते जा रहे हैं, आलोचना के घेरे में हैं। इस मामले से कोई भी उम्मीदवार अछूता नहीं है। यह मामला ब्राजील की न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भ्रष्टाचार के आरोपों ने आगामी चुनाव अभियान पर भी नकारात्मक प्रभाव डाला है। इस घटनाक्रम से ब्राजील की लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास कम होने की आशंका है। मामले की जांच और न्यायपालिका की प्रतिक्रिया पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।