अर्जेंटीना के ब्यूनस आयरेस शहर के एक पार्क में वैज्ञानिकों ने एक अद्भुत खोज की है। उन्होंने एक पक्षी को एक ऐसी धुन में गाते हुए सुना जो स्थानीय रूफस-कलर्ड स्पैरो पक्षियों द्वारा 1960 के दशक में गाई जाती थी। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह पक्षी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से खोई हुई धुन सीख रहा है। इस खोज से पता चलता है कि एआई का उपयोग विलुप्त हो चुकी या खोई हुई पक्षी की आवाज़ों को फिर से बनाने और संरक्षित करने में किया जा सकता है। यह अनुसंधान जैव विविधता संरक्षण के लिए एक नया मार्ग खोल सकता है। वैज्ञानिकों ने इस घटना की आगे जांच करने का फैसला किया है ताकि यह समझा जा सके कि पक्षी ने यह धुन कैसे सीखी और क्या एआई का उपयोग अन्य प्रजातियों की खोई हुई आवाज़ों को वापस लाने के लिए किया जा सकता है।