कोपेनहेगन शहर में अब डायपर को रीसायकल किया जाएगा। यह प्रक्रिया सबसे पहले शिशु और बाल देखभाल केंद्रों से शुरू होगी, और बाद में वृद्धाश्रमों तक विस्तारित की जाएगी। शहर का अनुमान है कि 2029 तक 5,000 टन कचरे का संग्रह किया जाएगा। इस कचरे का उपयोग बायो गैस बनाने और निर्माण सामग्री तैयार करने के लिए किया जाएगा। यह पहल कचरे के प्रबंधन में एक नवीन दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है। कोपेनहेगन का लक्ष्य कचरे को ऊर्जा और उपयोगी उत्पादों में बदलना है, जिससे पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यह परियोजना शहर को अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।