कज़ाकिस्तान में, कुल 388 बॉयलर में से केवल 77 ही बिजली से चलते हैं। यह जानकारी संसदीय औद्योगिक नीति समिति की बैठक में सामने आई। इससे देश में ऊर्जा दक्षता और बिजली पर निर्भरता को लेकर सवाल उठते हैं। यह स्थिति बॉयलर के संचालन और रखरखाव के लिए बिजली की उपलब्धता और लागत को प्रभावित कर सकती है। सरकार को इस मामले पर ध्यान देने और बिजली के अलावा अन्य ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। यह जानकारी कज़ाकिस्तान के ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है और भविष्य की ऊर्जा नीतियों को आकार देने में मदद कर सकती है। इस मुद्दे पर आगे चर्चा होने की उम्मीद है ताकि देश में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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