हाल के वर्षों में, हॉलीवुड में तकनीकी उद्योग के दिग्गजों का चित्रण नकारात्मक होता जा रहा है। ‘द सोशल रेकनिंग’ और ‘आर्टिफिशियल’ जैसी फिल्मों में, तकनीकी विशेषज्ञों को खलनायक के रूप में दिखाया गया है। ये पात्र अक्सर शक्तिशाली, अनैतिक और समाज के लिए खतरा माने जाते हैं। पहले, तकनीकी उद्यमियों को नवोन्मेषकों और दूरदर्शी लोगों के रूप में दर्शाया जाता था, लेकिन अब वे संदेह की दृष्टि से देखे जा रहे हैं। हॉलीवुड का यह बदलाव तकनीकी क्षेत्र के प्रति बढ़ती चिंता और अविश्वास को दर्शाता है। यह प्रवृत्ति समाज पर प्रौद्योगिकी के प्रभाव और इसके संभावित खतरों पर सवाल उठाती है।