रेक्सहैम के पूर्व कप्तान जेम्स मैक्लीन पर उन खिलाड़ियों को 'कमज़ोर' कहने के लिए आलोचना हुई है जो क्लब के मनोचिकित्सक का उपयोग करते हैं। मैक्लीन के इस विचार को लेकर चिंता जताई जा रही है, खासकर एक ऐसे दौर में जब फुटबॉल खिलाड़ी युवाओं के लिए रोल मॉडल माने जाते हैं। उनका मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य सहायता लेना कमजोरी का संकेत है, जो एक हानिकारक धारणा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बयान खिलाड़ियों को मदद लेने से हतोत्साहित कर सकता है। यह फुटबॉल की संस्कृति में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति एक नकारात्मक दृष्टिकोण को भी दर्शाता है। इस तरह की सोच के कारण खिलाड़ियों को निजी तौर पर संघर्ष करना पड़ सकता है, बिना किसी सहायता के। मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों के लिए सहायता प्रदान करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया जा रहा है।