संयुक्त प्रवेश एवं मैट्रिक बोर्ड, जेएएमबी ने देश के विश्वविद्यालयों को किसी भी उम्मीदवार को प्रवेश पत्र जारी करने से मना किया है। जेएएमबी का कहना है कि विश्वविद्यालयों को छात्रों को सीधे प्रवेश देने का अधिकार नहीं है। यह अधिकार केवल जेएएमबी के पास है। जेएएमबी ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों का प्रवेश केवल उसी के माध्यम से ही दिया जाना चाहिए। इस कदम का उद्देश्य प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और अनियमितताओं को रोकना है। विश्वविद्यालयों को जेएएमबी द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया गया है। जेएएमबी ने सभी संस्थानों से आग्रह किया है कि वे प्रवेश प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए जेएएमबी के निर्देशों का पालन करें।