पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारी शैड्रैक सिबिया अदालत के फैसले के बाद जेल में ही रहेंगे। अदालत ने पाया कि उन्होंने गवाहों को धमकाया था और अपने सेलफोन से सबूत मिटा दिए थे। अदालत का मानना ​​है कि उनका आचरण एक खतरनाक चलन दिखाता है जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए सिबिया के व्यवहार को गंभीर बताया। बचाव पक्ष ने जमानत पर जोर दिया, लेकिन अदालत ने उनके तर्कों को स्वीकार नहीं किया। इस मामले में आगे की जांच जारी है, और सिबिया को अभी भी आरोपों का सामना करना पड़ेगा। इस फैसले से यह संकेत मिलता है कि न्यायपालिका गवाहों को डराने और सबूतों से छेड़छाड़ करने वाले कृत्यों को गंभीरता से लेती है।