राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने कहा है कि इंडोनेशिया को बार-बार बाहरी हस्तक्षेप का सामना करना पड़ा है जब भी उसने अपने प्राकृतिक संसाधनों के विकास के संकेत दिखाए हैं। उन्होंने विशेष रूप से इंडोनेशिया की खनिज संपदा के शोषण के प्रयासों पर चिंता व्यक्त की। राष्ट्रपति सुबियांतो ने इस तरह के हस्तक्षेप को इंडोनेशिया की संप्रभुता के लिए एक गंभीर खतरा बताया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इंडोनेशिया अपने प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन करने और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने का अधिकार रखता है। सरकार विदेशी ताकतों से किसी भी हस्तक्षेप का विरोध करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस संदर्भ में, राष्ट्रपति ने इंडोनेशिया के लोगों से सतर्क रहने और देश की संपदा की रक्षा करने का आग्रह किया है। यह बयान इंडोनेशिया की आर्थिक स्वतंत्रता और संसाधनों पर नियंत्रण बनाए रखने के इरादे को दर्शाता है।