अमेरिका में इजराइल विरोधी कार्यकर्ता महमूद खलील ने अपनी हिरासत से संबंधित मामले को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में पहुँचाया है। निचली अदालत का आदेश, जो पुनः-हिरासत को रोकता है, तब तक बना रहेगा जब तक कि सुप्रीम कोर्ट इस पर विचार नहीं करता। अदालत के फैसले में कहा गया है कि आप्रवासन कानून जिला न्यायाधीश को आई.सी.ई. (Immigration and Customs Enforcement) हिरासत से रिहाई का आदेश देने से रोकता है। खलील का मामला उनकी आव्रजन स्थिति और हिरासत से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले पर सुनवाई करने का फैसला करेगा या नहीं, यह देखना बाकी है। इस मामले का परिणाम आव्रजन कानून और न्यायिक अधिकारिता पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। यह मामला अमेरिका में आव्रजन नीति के बारे में महत्वपूर्ण बहस को जन्म दे सकता है।