हंगरी और स्लोवाकिया दोनों ही देशों का लक्ष्य अगले वर्ष सार्वजनिक वित्त घाटे को 4.9 प्रतिशत जीडीपी तक कम करना है। हालांकि, दोनों देशों की परिस्थितियां अलग-अलग हैं। हंगरी इस साल अनुमानित 7.5 प्रतिशत के घाटे को कम करने की योजना बना रहा है और 2030 तक तीन प्रतिशत तक पहुंचने का लक्ष्य है। स्लोवाकिया का भी मूल रूप से ऐसा ही लक्ष्य था, लेकिन अब बजट योजनाएं दर्शाती हैं कि गठबंधन सरकार को तीन पैकेजों के बावजूद… (आगे की जानकारी उपलब्ध नहीं है)। यह दोनों देशों के वित्तीय लक्ष्यों और चुनौतियों को दर्शाता है, जिसमें घाटा कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। दोनों सरकारें अपने-अपने आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रयासरत हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपने-अपने लक्ष्यों को कैसे प्राप्त करते हैं।