अर्जेंटीना के मनोविश्लेषक और लेखक गेब्रियल रोलॉन ने LN+ के लिए एक विशेष साक्षात्कार में मानव स्वभाव पर विचार व्यक्त किया। उन्होंने प्रेम, मृत्यु और सामाजिक आदेशों की निरंतरता पर एक कठोर दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। रोलॉन के अनुसार, मनुष्य अपने निर्णयों में केवल अचेतन आदेशों का पालन कर रहा होता है। उनका मानना है कि हमारी पसंद हमारी गहरी इच्छाओं और दबी हुई प्रेरणाओं से प्रभावित होती है, और हम अक्सर यह महसूस किए बिना ही सामाजिक मानदंडों का पालन करते हैं। यह साक्षात्कार मानव व्यवहार की जटिलताओं और हमारे जीवन को आकार देने वाली अदृश्य शक्तियों पर प्रकाश डालता है। रोलॉन का यह विश्लेषण, समाज और व्यक्ति के बीच संबंधों को समझने में सहायक हो सकता है। वह व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक दबाव के बीच के द्वंद्व पर भी जोर देते हैं।