उरुग्वे में Frente Amplio की हालिया राष्ट्रीय सभा ने पार्टी की दिशा और भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। तटीय प्रांतों के श्रमिकों के साथ पार्टी के संबंधों पर चिंता व्यक्त की जा रही है। ऐसा माना जा रहा है कि मौजूदा एजेंडा, पार्टी के संस्थापकों के संघर्षों से दूर जा रहा है। इस संबंध में कार्यकर्ताओं में निराशा देखी जा सकती है। सभा में पार्टी की आंतरिक रणनीति और श्रमिकों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा नहीं हो पाई। विशेषज्ञों का मानना है कि Frente Amplio को अपनी जड़ों से जुड़े रहने और अपने आधार का समर्थन बरकरार रखने के लिए तत्काल कदम उठाने होंगे। पार्टी नेतृत्व को इन मुद्दों पर ध्यान देना होगा और श्रमिकों के साथ संवाद स्थापित करना होगा।