फ़्रांस में जीवन यापन की बढ़ती लागत और सार्वजनिक सेवाओं की कठिनाइयों के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। देश में 'गुस्से का सप्ताहांत' कहा जा रहा है, जिसके बाद कई सवाल अनुत्तरित हैं। विरोध प्रदर्शनों की वजह से सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है। अब आगे और विरोध प्रदर्शनों की आशंका जताई जा रही है, जिससे फ़्रांस में राजनीतिक अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है। सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए बनाई गई रणनीति पर विचार कर रही है।