फ़िजी की सोशल डेमोक्रेटिक लिबरल पार्टी (SODELPA) ने संसद द्वारा बोस लेवु वाकातुरगा (BLV), या ग्रेट काउंसिल ऑफ़ चीफ्स (GCC) की सदस्यता और वित्त पोषण पर नियंत्रण बढ़ाने के लिए प्रस्तावित संवैधानिक परिवर्तनों पर सवाल उठाए हैं। सोदेलपा इस बात को लेकर चिंतित है कि ये बदलाव पारंपरिक नेतृत्व की स्वतंत्रता को कम कर सकते हैं। पार्टी ने इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है और इन परिवर्तनों के पीछे के कारणों को जानने की मांग की है। यह मुद्दा फ़िजी की राजनीति में महत्वपूर्ण है, क्योंकि बोस लेवु वाकातुरगा देश के स्वदेशी समुदाय का प्रतिनिधित्व करता है। सोदेलपा का कहना है कि संसद को BLV के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। इस मुद्दे पर आगे चर्चा होने की उम्मीद है, क्योंकि यह फ़िजी के संवैधानिक ढांचे और पारंपरिक शासन व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।