तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्दोआन ने सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ देशों में स्कूल में हेडस्कार्फ़ पर प्रतिबंध महिलाओं के बुनियादी अधिकारों पर हमला है। उन्होंने अज़रबैजान का नाम नहीं लिया, लेकिन अज़रबैजान ने स्कूल में ड्रेस कोड के नियम बनाए हैं जिन्हें कुछ स्कूलों ने हेडस्कार्फ़ पर प्रतिबंध के रूप में लागू किया है। यह घटना एर्दोआन और अज़रबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव के बीच बढ़ते तनाव का संकेत देती है। विश्लेषकों का मानना है कि अलीयेव एर्दोआन की नीतियों से असहमत हैं और अपनी स्वतंत्रता बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। यह तनाव क्षेत्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। इस मामले ने दोनों देशों के संबंधों में एक नई बहस छेड़ दी है। यह देखना बाकी है कि यह स्थिति कैसे विकसित होती है और दोनों देशों के बीच संबंध किस दिशा में जाते हैं।