दशैं त्योहार के दौरान, परिवार अपने गांवों की ओर लौटते हैं, जिससे वहां उत्सव का माहौल छा जाता है। इस खुशी के अवसर पर पारंपरिक झूले लोगों को आकर्षित करते हैं और त्योहार की भावना को और भी गहरा करते हैं। ये झूले न केवल मनोरंजन का साधन हैं, बल्कि नेपाल की संस्कृति और परंपरा का भी प्रतीक हैं। गांवों में स्थापित ये झूले हर उम्र के लोगों को साथ लाते हैं, जिससे सामुदायिक बंधन मजबूत होता है। लोग मिलकर झूलते हैं, गाते हैं और त्योहार का आनंद लेते हैं। यह दृश्य दशैं की जीवंतता और उत्साह को दर्शाता है, जो नेपाल में सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह त्योहार न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है।