चीन में पहले सम्राट किन शिहुआंग्दी की कब्र के साथ दफनाई गई टेराकोटा सेना, सदियों से इतिहासकारों को आकर्षित करती रही है। अब, नवीनतम शोध से पता चलता है कि इन योद्धा मूर्तियों को बनाने वाले मूर्तिकारों की पहचान की जा सकती है। पुरातत्वविदों ने इन टेराकोटा योद्धाओं पर उंगलियों के निशान खोजे हैं, जो इस सेना के निर्माण में शामिल कारीगरों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं। ये निशान विभिन्न मूर्तियों पर पाए गए हैं, जिससे पता चलता है कि कई कारीगरों ने इस विशाल परियोजना पर काम किया था। वैज्ञानिकों का मानना है कि इन निशानों का विश्लेषण करके, वे मूर्तिकारों के मूल और कार्यशालाओं का पता लगा सकते हैं। यह खोज चीन के इतिहास की इस महत्वपूर्ण कलाकृति के बारे में हमारी समझ को और बढ़ाएगी। यह टेराकोटा सेना की शिल्प कौशल और पैमाने की एक अनूठी झलक भी प्रदान करती है।