ब्राज़ील में आगामी राष्ट्रपति चुनाव के चलते एक कैथोलिक संत विवादों में घिर गया है। अपारेसिडा की काली मैडोना, जो ब्राज़ील में एक राष्ट्रीय संत के रूप में पूजी जाती हैं, की स्थिति खतरे में पड़ सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि फ़्लावियो बोलसोनारो, जो एक मुक्त-धार्मिक उम्मीदवार हैं, संत पूजा को पसंद नहीं करते हैं। यदि वह राष्ट्रपति चुनाव जीतते हैं, तो इस संत की राष्ट्रीय पहचान पर सवाल उठ सकते हैं। इस स्थिति ने ब्राज़ील के धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्रों में चिंता पैदा कर दी है। यह घटना दर्शाती है कि कैसे चुनाव धार्मिक प्रतीकों को भी प्रभावित कर सकते हैं। अपारेसिडा के संत की भूमिका ब्राज़ीलियाई समाज में बहुत महत्वपूर्ण है और इस चुनाव का परिणाम इस पर असर डाल सकता है।