ब्राज़ील में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान सोशल मीडिया एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। आलोचकों ने तकनीकी दिग्गज मेटा पर राष्ट्रपति लूला के राजनीतिक अभियान का सेंसर करने और बोल्सोनारो का पक्ष लेने का आरोप लगाया है। यह आरोप ब्राज़ील की चुनावी प्रक्रिया में सोशल मीडिया की भूमिका पर बहस को जन्म दे रहा है। मेटा ने इन आरोपों का खंडन किया है, लेकिन विवाद जारी है। इस मुद्दे ने ब्राज़ील में सोशल मीडिया विनियमन की आवश्यकता पर भी ध्यान केंद्रित किया है। चुनाव आयोग इस मामले की जांच कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी हों। यह घटना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की राजनीतिक सामग्री को नियंत्रित करने की ज़िम्मेदारी के बारे में सवाल उठाती है।