सीजेपी नेता अभिजीत दिपके ने भारत के युवाओं के आंदोलन की तुलना नेपाल और बांग्लादेश में सरकार विरोधी आंदोलनों से करने का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों स्थितियों में भिन्नता है। दिपके ने भारत में चल रहे आंदोलन को 'अहिंसक सत्याग्रह' बताया, जो कि महात्मा गांधी द्वारा प्रेरित एक शांतिपूर्ण विरोध का तरीका है। उनका कहना है कि इस आंदोलन की तुलना उन आंदोलनों से करना उचित नहीं है जिनमें हिंसक विरोध शामिल था। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत में आंदोलन लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। यह भारत के युवाओं की ओर से एक महत्वपूर्ण अभिव्यक्ति है और इसे उसी संदर्भ में समझा जाना चाहिए। यह आंदोलन एक नए भारत के निर्माण की दिशा में उठाया गया कदम है।